
3d मॉडल ड्रेनेज पाइप
इंदौर, जो लगातार 8 वर्षों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है, वहां सीवर का पानी पीने के साफ पानी में मिल जाने के कारण **10 लोगों की मौत** हो गई [1]। यह घटना भागीरथपुरा इलाके में हुई, जहाँ एक पुलिस चौकी का शौचालय बिना किसी सेफ्टी टैंक के सीधे मुख्य पानी की पाइपलाइन के ऊपर बना दिया गया था [1]। पाइपलाइन टूटने के कारण सीवेज का सारा कचरा पीने के पानी में मिल गया [1]। **स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव:** * इस दूषित पानी को पीने से **14,400 से अधिक लोग बीमार** पड़े और 200 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा [1]। * मरने वालों में एक **5 महीने का बच्चा** भी शामिल था, जिसे उसके माता-पिता ने पानी मिला हुआ दूध पिलाया था [1]। * बीमार पड़ने वाले मरीजों में **95% महिलाएं** थीं और उनमें से **70-80% की किडनी फेल** हो चुकी थी [1]। **चेतावनी को नजरअंदाज करना:** प्रशासन को इस समस्या की पहली शिकायत अक्टूबर में मिली थी [2]। इसके बाद नवंबर और दिसंबर में भी गंदे पानी और बदबू की शिकायतें की गईं, लेकिन समय पर कोई कदम नहीं उठाया गया [2]। 28 दिसंबर तक उस वार्ड के लगभग 90% लोग बीमार हो चुके थे * जब पत्रकार अनुराग द्वारी ने स्थ
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