
पौधा 3d मॉडल
एक छोटे से गाँव में एक बूढ़े दादा जी रहते थे। उनके साथ उनका नटखट पोता आरव भी रहता था। आरव बहुत शरारती था, लेकिन दिल का बहुत अच्छा था। एक दिन दादा जी आँगन में एक छोटा सा पौधा लगा रहे थे। आरव ने हँसते हुए पूछा, “दादा जी, आप इतने बूढ़े हो गए हैं, ये पेड़ बड़ा होगा तब तक तो आप…” दादा जी मुस्कुराए और बोले, “बेटा, हर पेड़ अपने लिए नहीं लगाया जाता। कुछ पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए लगाए जाते हैं।” आरव को दादा जी की बात समझ नहीं आई। दिन बीतते गए। दादा जी रोज उस पौधे को पानी देते, उससे बातें करते। आरव भी कभी-कभी मदद कर देता, लेकिन ज्यादा ध्यान नहीं देता था। कुछ साल बाद वह छोटा सा पौधा एक बड़ा हरा-भरा पेड़ बन गया। गर्मी के दिनों में पूरा परिवार उसी पेड़ की छाया में बैठता। पक्षी उसमें घोंसला बनाते। एक दिन आरव स्कूल से थका हुआ आया और उसी पेड़ के नीचे बैठ गया। ठंडी हवा चल रही थी। उसे बहुत अच्छा लगा। तभी उसे दादा जी की बात याद आई। वह दौड़कर दादा जी के पास गया और बोला, “दादा जी, अब समझ आया। आपने ये पेड़ हमारे लिए लगाया था!” दादा जी ने प्यार से उसके सिर पर हाथ रखा और कहा, “बेटा, जिंदगी में हमेशा ऐसा काम करना जिससे दूसरों को
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