
कब्रिस्तान 3d मॉडल
एपिसोड 10: आधी रात का बुलावा (The Midnight Meeting) रात के 12 बजे थे। 'शांतिनगर' का पुराना श्मशान घाट घने कोहरे और डरावनी खामोशी में डूबा हुआ था। सूखे पत्तों के चरमराहट की आवाज़ भी किसी के चीखने जैसी लग रही थी। आर्यन अपनी जीप को थोड़ी दूर झाड़ियों में छिपाकर माया के साथ पैदल ही अंदर दाखिल हुआ। "माया, मुझे यह जगह ठीक नहीं लग रही। खबरी ने तुम्हें अकेले बुलाया था, और यहाँ सन्नाटा इतना गहरा है कि दाल में कुछ काला ज़रूर है," आर्यन ने अपनी गन की ग्रिप मज़बूत करते हुए फुसफुसाया। पर माया के पैर नहीं रुके। वह श्मशान के उस पुराने हिस्से की ओर बढ़ी जहाँ बरसों पुरानी पत्थर की कब्रें थीं। टॉर्च की मद्धम रोशनी में उसने देखा कि सामने वाली एक खंडहर हो चुकी कब्र के ऊपर एक सफेद लिफ़ाफ़ा रखा है। हवा के झोंके से वह उड़ने ही वाला था कि माया ने उसे लपक लिया। वहाँ कोई इंसान नहीं था। न खबरी, न हमलावर। सिर्फ एक गहरा सन्नाटा। माया ने लिफ़ाफ़ा खोला। अंदर एक छोटी पेन-ड्राइव और एक हाथ से लिखा हुआ नोट था: "इसे अभी सुनो, वरना शहर कभी नहीं जागेगा।" आर्यन ने तुरंत अपना लैपटॉप निकाला। जैसे ही उन्होंने रिकॉर्डिंग प्ले की, दोनों के पैरों तले ज़
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