
3d मॉडल शेर
जंगल का नज़ारा (दोपहर का समय है। भोलू शेर एक पेड़ के नीचे सो रहा है और खर्राटे ले रहा है। चीकू खरगोश उसके कान के पास आकर ज़ोर से सीटी बजाता है।) भोलू: (हड़बड़ा कर उठते हुए) अरे! भूचाल आ गया! भागो! भागो! चीकू: (हँसते हुए) शांत हो जाइए महाराज! कोई भूचाल नहीं आया। मैं तो बस आपको यह बताने आया था कि आपकी पूंछ गायब हो गई है! भोलू: (घबराकर पीछे देखते हुए) क्या? मेरी पूंछ? कहाँ गई? अभी तो यहीं थी! सीन 2: चीकू की चालाकी (भोलू अपनी ही पूंछ गोल-गोल घूमकर पकड़ने की कोशिश करता है।) चीकू: महाराज, लगता है आपकी पूंछ शहर घूमने गई है। आजकल की पूंछें बहुत मॉडर्न हो गई हैं, उन्हें जंगल में बोरियत होती है। भोलू: (रोते हुए) पर मैं बिना पूंछ के जंगल का राजा कैसे लगूँगा? सब मेरा मज़ाक उड़ाएंगे! चीकू भाई, कुछ करो! चीकू: एक उपाय है। आपको अपनी आँखें बंद करके 'हूला-ला-हू' मंत्र पढ़ना होगा और तीन बार हवा में कूदना होगा। सीन 3: भोलू की फजीहत (भोलू आँखें बंद करता है और मंत्र पढ़ने लगता है।) भोलू: हूला-ला-हू... हूला-ला-हू... (जैसे ही भोलू हवा में कूदता है, चीकू चुपके से एक झाड़ी के पीछे छिप जाता है। भोलू धड़ाम से एक गड्ढे में गिर जाता है।) भोलू: (गड्ढे
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