
3d मॉडल राजा-रानी
बहुत समय पहले एक हरे-भरे राज्य में एक न्यायप्रिय राजा और एक दयालु रानी रहते थे। राजा का नाम वीरेंद्र था और रानी का नाम सुमन। दोनों अपनी प्रजा से बहुत प्रेम करते थे। राज्य में खुशहाली थी, खेतों में सोना उगता था और नदियाँ स्वच्छ जल से बहती थीं। एक दिन महल के बाहर एक बूढ़ा साधु आया। उसने राजा से कहा, “राजन, आपके राज्य पर एक संकट आने वाला है। यदि आप सच्ची परीक्षा में सफल हुए, तभी आपका राज्य सुरक्षित रहेगा।” राजा ने विनम्रता से पूछा, “महाराज, हमें क्या करना होगा?” साधु मुस्कुराया और बोला, “आपको अपने स्वार्थ को त्यागकर प्रजा के लिए सबसे कठिन निर्णय लेना होगा।” कुछ ही दिनों बाद राज्य में भयंकर सूखा पड़ गया। बादल आते, पर बरसते नहीं थे। तालाब सूखने लगे, किसान परेशान हो गए। राजकोष में सीमित धन बचा था। मंत्री ने सलाह दी, “महाराज, यह धन महल और सेना की सुरक्षा में लगाइए, वरना शत्रु आक्रमण कर सकते हैं।” राजा गहरी सोच में पड़ गए। तभी रानी सुमन ने कहा, “महाराज, राज्य की असली ताकत प्रजा होती है। यदि लोग सुरक्षित और संतुष्ट रहेंगे, तो राज्य अपने आप सुरक्षित रहेगा।” रानी की बात सुनकर राजा ने निर्णय लिया
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