
बकरी और दोस्त 3d मॉडल
-भरे जंगल के किनारे एक छोटी सी बकरी अपने बच्चों के साथ रहती थी। वह बहुत समझदार और सावधान थी। रोज़ सुबह वह बच्चों से कहती, “जब तक मैं वापस न आ जाऊँ, दरवाज़ा किसी के लिए मत खोलना।” एक दिन बकरी खाने की तलाश में जंगल चली गई। तभी एक चालाक भेड़िया वहाँ आ पहुँचा। उसने दरवाज़ा खटखटाया और मीठी आवाज़ में बोला, “दरवाज़ा खोलो बच्चों, तुम्हारी माँ आ गई है।” लेकिन बच्चों ने खिड़की से झाँककर देखा। उन्हें उसकी भारी आवाज़ और बड़े पंजे दिख गए। वे समझ गए कि यह उनकी माँ नहीं है। उन्होंने कहा, “तुम हमारी माँ नहीं हो! हमारी माँ की आवाज़ नरम है।” भेड़िया चालाक था। वह गया और अपनी आवाज़ बदलकर फिर आया। इस बार उसने फिर दरवाज़ा खटखटाया। लेकिन बच्चों ने उसके काले पंजे देख लिए और दरवाज़ा नहीं खोला। कुछ देर बाद असली माँ बकरी वापस आई। उसने बच्चों की समझदारी की तारीफ़ की और कहा, “संकट के समय समझदारी और सावधानी ही सबसे बड़ी ताकत होती है।” भेड़िया दूर खड़ा सब देख रहा था। उसे समझ आ गया कि चालाकी हमेशा काम नहीं करती। सीख (Moral): 👉 अजनबियों पर जल्दी भरोसा नहीं करना चाहिए। 👉 समझदारी और सतर्कता हमें मुसीबत से बचाती है। अग
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