
3d मॉडल भेड़
रामू एक छोटा-सा किसान था। उसकी ज़मीन ज़्यादा बड़ी नहीं थी, लेकिन जितना भी उगता, उससे उसका घर आराम से चल जाता था। एक दिन गाँव में खबर फैली कि शहर से आए एक व्यापारी ज़मीन के बदले बहुत सारा सोना देने को तैयार है। रामू के मन में लालच जाग उठा। उसने सोचा, “अगर मेरे पास ज़्यादा सोना हो जाए, तो मैं सबसे अमीर बन जाऊँगा।” व्यापारी ने शर्त रखी कि सूरज ढलने से पहले जितनी ज़मीन वह पैदल घूम लेगा, उतनी उसकी हो जाएगी। रामू दौड़ पड़ा। शुरुआत में वह संभल-संभल कर चला, पर लालच ने उसकी रफ्तार बढ़ा दी। “थोड़ा और… बस थोड़ा और,” सोचते-सोचते वह बहुत दूर निकल गया। सूरज ढलने लगा, रामू थक चुका था, साँस फूल रही थी, लेकिन लालच ने उसे रुकने नहीं दिया। आख़िरकार वह गिर पड़ा। सूरज डूब गया। व्यापारी आया और बोला, “तुम्हें जितनी ज़मीन चाहिए थी, उतनी मिल गई।” रामू को समझ आया कि अब उसे सिर्फ़ दो गज़ ज़मीन ही चाहिए—अपनी कब्र के लिए। उसकी मेहनत और लालच, दोनों व्यर्थ हो गए। सीख: लालच इंसान को अंधा कर देता है और जो हमारे पास है, वही छीन लेता है।
4K·PBR·v3.1-20260211









