
3d मॉडल पात्र
राहुल एक साधारण लड़का था। उसकी जेब में अक्सर सिर्फ 100 रुपये ही होते थे। वह एक छोटे से कस्बे में रहता था और पार्ट-टाइम काम करके अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। एक दिन वह बाजार में किताब खरीदने गया। वहीं उसकी मुलाकात नेहा से हुई। नेहा भी उसी कॉलेज में पढ़ती थी। किताबों की दुकान पर दोनों एक ही आखिरी कॉपी लेने के लिए हाथ बढ़ाते हैं… और वहीं से उनकी बात शुरू होती है। धीरे-धीरे दोस्ती हुई। राहुल हर बार सोचता था कि नेहा को कॉफी पिलाए, लेकिन उसकी जेब में सिर्फ 100 रुपये होते थे। फिर भी वह मुस्कुराकर कहता, “आज चाय मेरी तरफ से।” नेहा को राहुल की सादगी पसंद आने लगी। वह समझ गई कि राहुल के पास पैसे कम हैं, पर दिल बहुत बड़ा है। एक दिन नेहा ने मज़ाक में कहा, “तुम्हारे पास तो हमेशा 100 रुपये ही रहते हैं!” राहुल हँसकर बोला, “हाँ, लेकिन अगर तुम साथ हो तो ये 100 भी 200 जैसे लगते हैं।” ❤️ नेहा मुस्कुरा दी। उसे समझ आ गया कि असली दौलत पैसे नहीं, प्यार और साथ होता है। समय के साथ राहुल ने मेहनत की, अच्छी नौकरी पाई। अब उसके पास 100 नहीं, हजारों रुपये थे। लेकिन वह हमेशा कहता, “मेरे लिए सबसे कीमती वही दिन थे जब 100 रुपये में तुम्हारे साथ ख
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