
परिवार 3d मॉडल
सुबह के लगभग 6 बजे होते हैं। कमरे की खिड़की से हल्की-हल्की धूप अंदर आ रही होती है। मम्मी धीरे से दरवाज़ा खोलकर पास आती हैं और प्यार से कहती हैं, “बेटा उठ जाओ, स्कूल के लिए तैयार हो जाओ।” लड़की आँखें मलते हुए करवट बदलती है और बोलती है, “मम्मी बस थोड़ी देर और।” मम्मी उसके सिर पर हाथ फेरते हुए कहती हैं, “रोज़ यही बोलती हो, अब जल्दी उठो।” वह उठकर सबसे पहले अपने पाँच साल के भाई को देखती है, जो कंबल ओढ़े गहरी नींद में होता है। मुस्कुराते हुए वह उसे जगाती है, “ओए छोटे हीरो, उठ जा।” भाई उनींदी आवाज़ में कहता है, “दीदी दूध।” ताज़ा होकर वह स्कूल की यूनिफ़ॉर्म पहनती है, बालों में दो चोटियाँ बनाती है और शीशे के सामने खुद को देखकर हल्की-सी मुस्कान देती है। रसोई में मम्मी नाश्ता बना रही होती हैं। लड़की कहती है, “मम्मी, मैं प्लेट लगा देती हूँ।” मम्मी के चेहरे पर संतोष भरी मुस्कान आ जाती है। पापा अख़बार पढ़ते हुए कहते हैं, “जल्दी नाश्ता कर लो, देर हो जाएगी।” वह चुपचाप बैठकर नाश्ता करती है और अपने भाई को अपने हाथ से दूध पिलाती है। भाई ज़िद करता है, “दीदी, मुझे स्कूल छोड़ना।” वह हँसते हुए कहती है, “शाम को खेलेंगे।” बैग उठाकर व
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