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Da vila 3D Models

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Anonymous1769611832
quiero una montaña y una casa encima
Anonymous1769698261
धौलपुर जिले के बोरेली गाँव में अभिषेक का घर है, जहाँ सुबह की शुरुआत खेतों की हरियाली और ट्रैक्टरों की आवाज़ से होती है। अभिषेक के पिता एक मेहनती किसान हैं, जिनका पूरा जीवन मिट्टी से सोना उगाने में बीता है। अभिषेक खुद पढ़ाई-लिखाई में बहुत होशियार है और अपने गाँव का नाम रौशन करने का सपना देखता है।
घर का माहौल और भाइयों की टोली
अभिषेक के दो भाई हैं, और तीनों का मिज़ाज बिल्कुल अलग है:
बड़ा भाई: वह पिछले दो सालों से घर पर ही है, शायद सही मौके के इंतज़ार में या घर की खेती-बाड़ी संभालने में।
छोटा भाई: वह पूरे गाँव की 'हेरा-फेरी' में माहिर है। गाँव में कहाँ क्या चल रहा है, किसका किससे जुगाड़ है, ये सब उसे बखूबी पता रहता है। उसका दिमाग पढ़ाई से ज़्यादा तरकीबों में चलता है।
घर की शान: प्लेटिना मोटरसाइकिल
अभिषेक के घर में एक प्लेटिना मोटरसाइकिल है, जिसे परिवार का हर सदस्य जान से ज़्यादा चाहता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका गज़ब का माइलेज। कम पेट्रोल में लंबी दूरी तय करना इस गाड़ी की खासियत है, इसीलिए बोरेली की गलियों में यह सबकी पहली पसंद है।
बलवीर और सत्यपाल के पास भी अपनी प्लेटिना है।
Anonymous1771586742
धौलपुर जिले के बोरेली गाँव में अभिषेक का घर है, जहाँ सुबह की शुरुआत खेतों की हरियाली और ट्रैक्टरों की आवाज़ से होती है। अभिषेक के पिता एक मेहनती किसान हैं, जिनका पूरा जीवन मिट्टी से सोना उगाने में बीता है। अभिषेक खुद पढ़ाई-लिखाई में बहुत होशियार है और अपने गाँव का नाम रौशन करने का सपना देखता है।
घर का माहौल और भाइयों की टोली
अभिषेक के दो भाई हैं, और तीनों का मिज़ाज बिल्कुल अलग है:
बड़ा भाई: वह पिछले दो सालों से घर पर ही है, शायद सही मौके के इंतज़ार में या घर की खेती-बाड़ी संभालने में।
छोटा भाई: वह पूरे गाँव की 'हेरा-फेरी' में माहिर है। गाँव में कहाँ क्या चल रहा है, किसका किससे जुगाड़ है, ये सब उसे बखूबी पता रहता है। उसका दिमाग पढ़ाई से ज़्यादा तरकीबों में चलता है।
घर की शान: प्लेटिना मोटरसाइकिल
अभिषेक के घर में एक प्लेटिना मोटरसाइकिल है, जिसे परिवार का हर सदस्य जान से ज़्यादा चाहता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका गज़ब का माइलेज। कम पेट्रोल में लंबी दूरी तय करना इस गाड़ी की खासियत है, इसीलिए बोरेली की गलियों में यह सबकी पहली पसंद है।
बलवीर और सत्यपाल के पास भी अपनी प्लेटिना है।
Anonymous1771586742
Anonymous1770637733
Um texto bonito escrito "Campo Florido"
Anonymous1771508430
Anonymous1771490626
Cria só o terreno
Anonymous1769455085
سی سی ڈی کے ہاتھوں انجام کو پہنچنے والی پریم کہانی : عشق کا پاگل پن 7 زندگیوں کے چراغ گل کر گیا :کچھ ہفتے قبل جہلم کے ایک گاؤں پرانا کوٹھا میں ایک ایسا واقعہ پیش آیا کہ پورا علاقہ کانپ اٹھا : اس گاؤں کی ایک لڑکی کی دوستی فیس بک پر ایک قریبی گاؤں کو نوجوان سے ہوئی ، یہ دوستی چند دنوں میں اتنی شدت اختیار کر گئی کہ لڑکی گھنٹوں اس لڑکے کے ساتھ فون پر بات کرتی، حالات دیکھ کر لڑکی کی ماں اور پھر باپ اور بھائیوںنے اس کو ہر طریفے سے سمجھایا مگر اس لڑکی پر عشق کا بھوت سوار تھا ، چند ہفتے بعد لڑکی ایک رات گھر سے بھاگ گئی اور شہرجا کر اپنے محبوب کے ساتھ کورٹ میرج کر لی ، اس واقعہ کی اطلاع لڑکی کے گھر پہنچی تو انہوں نے چند روز بعد لڑکے کے گھر والوں کو پیشکش کی کہ لڑکی واپس ہمارے حوالے کرو ہم خود اسکی شادی تمہارے بیٹے کے ساتھ کرکے اسکو رخصت کریں گے ، چنانچہ والدین کی یقین دہانی پر لڑکا اس لڑکی کو گھر واپس چھوڑ گیا ، یہاں اسے دونوں خاندانوںکی بدقسمتی کا اغاز ہوتا ہے ، لڑکی کے گھر والے ماں باپ اور 2 بھائی اس وعدے سے مکر گئے جو اس لڑکے سے کیا گیا تھا جو عدالتی و قانونی طور پر انکی بیٹی کا شوہر تھا ، لڑکے نے اپنی بیوی کو حاصل
Anonymous1771381061
गाँव के किनारे एक छोटा-सा कच्चा घर था, जिसमें रामू नाम का एक गरीब किसान अपनी पत्नी सीता और दो बच्चों के साथ रहता था। रामू के पास बस दो बीघा जमीन थी, वही उसकी दुनिया थी और वही उसका सहारा। हर सुबह सूरज उगने से पहले ही वह खेतों की ओर निकल जाता। कंधे पर हल, हाथ में फावड़ा और आँखों में उम्मीद लिए वह दिन-भर मेहनत करता।
उस साल बारिश देर से आई थी। आसमान में बादल तो घिरते, पर बरसते नहीं थे। सूखी मिट्टी को देखकर रामू का दिल बैठ जाता। घर में अनाज भी कम बचा था। सीता उसे हिम्मत देती, “चिंता मत करो, भगवान मेहनत का फल जरूर देगा।” बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च सोचकर रामू और भी जी-जान से जुट जाता।
आखिरकार एक दिन काले बादल घिरे और तेज बारिश शुरू हो गई। सूखी धरती ने पानी को ऐसे सोखा जैसे बरसों से प्यासा हो। रामू की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उसने बीज बोए और दिन-रात खेत की देखभाल करने लगा। कभी कीड़ों से फसल को बचाता, तो कभी नालियों से पानी का बहाव ठीक करता।
समय बीतता गया और खेत में हरी-भरी फसल लहलहाने लगी। सुनहरी बालियाँ हवा में झूमतीं तो रामू का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता। कटाई के दिन जब उसने अनाज की ढेरियाँ देखीं, तो उसकी सा
Anonymous1771357997
पूर्व का जीवन

पूर्व में बसे एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक युवक रहता था। वह साधारण किसान परिवार से था, लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। गाँव में बिजली अक्सर चली जाती थी और पढ़ाई के लिए सुविधाएँ कम थीं। फिर भी आरव हर शाम लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करता था।

गाँव के लोग कहते थे कि शहर जाकर ही कोई आगे बढ़ सकता है, पर आरव का मानना था कि बदलाव की शुरुआत पूर्व से, अपनी जड़ों से ही होती है। उसने ठान लिया कि वह पढ़-लिखकर अपने गाँव में ही कुछ नया करेगा।

समय बीतता गया और मेहनत रंग लाई। आरव ने कृषि विज्ञान की पढ़ाई पूरी की और वापस अपने गाँव लौटा। उसने आधुनिक खेती की तकनीकें अपनाईं और गाँव के किसानों को भी सिखाईं। कुछ ही वर्षों में गाँव की हालत बदलने लगी।

पूर्व का वह साधारण गाँव अब प्रगति की मिसाल बन गया। आरव ने साबित कर दिया कि सच्ची लगन हो तो शुरुआत कहीं से भी की जा सकती है।
Anonymous1771317195
 دراز گاؤں میں سلیم نام کا ایک غریب کسان رہتا تھا۔ اس کے پاس چند ایکڑ بنجر سی زمین تھی جس پر وہ بڑی محنت سے گندم اور مکئی اُگاتا تھا۔ سلیم کا گزارا اسی کھیتی باڑی پر تھا۔ اس کے گھر میں بوڑھی ماں، بیوی اور تین چھوٹے بچے تھے۔ سلیم ہر روز صبح سویرے اُٹھ کر کھیتوں میں چلا جاتا اور شام ڈھلے واپس آتا، مگر پچھلے دو سال سے بارش نہ ہونے کے باعث اس کی زمین سوکھ چکی تھی۔
گاؤں کے تالاب خشک ہو گئے تھے، کنوؤں کا پانی نیچے چلا گیا تھا اور مویشی بھی پیاس سے کمزور ہو رہے تھے۔ سلیم آسمان کی طرف دیکھ کر بار بار دعا کرتا کہ بادل برس جائیں، مگر بادل آتے بھی تو بغیر برسے ہی گزر جاتے۔ فصلیں سوکھ گئیں اور اس پر قرض بڑھتا گیا۔ گاؤں کے کئی کسان شہر ہجرت کر گئے، مگر سلیم نے ہمت نہ ہاری۔ وہ کہتا تھا کہ زمین ماں کی طرح ہوتی ہے، اسے چھوڑا نہیں جاتا۔
ایک دن اس نے فیصلہ کیا کہ وہ ہار ماننے کے بجائے کوئی نیا طریقہ آزمائے گا۔ اس نے قریبی قصبے سے پانی بچانے والی جدید آبپاشی کا طریقہ سیکھا اور اپنے کھیت میں چھوٹا سا کنواں کھودنے کی کوشش شروع کی۔ گاؤں والوں نے پہلے اس کا مذاق اُڑایا، مگر سلیم اپنی محنت میں لگا رہا۔ کئی ہفتوں کی کوشش کے بعد آخرکا
Anonymous1771314390
Modelo real de aldeano con vestiduras hebreas de la edad de Cristo con báculo en  mano derecha con buenas texturas
Anonymous1752618097
Carapus Poutata
uma cidade brasileira com casas humildes
Anonymous1771095988
🎥 پرامپٹ 1 – گاؤں دا آغاز

پرامپٹ:
“رات دا منظر، Mianwali دے دیہی علاقے وچ پرانا کچا گھر، چاروں پاسے کھیت، آسمان تے گھنے بادل، تیز ہوا نال مٹی اڑدی ہوئی، ہلکی لالٹین دی روشنی، سسپنس بھرپور ماحول، سلو کیمرہ موومنٹ، حقیقت نال ملدا پاکستانی پنڈ دا منظر، 4K سنیماٹک ہارر اسٹائل”
Anonymous1770925111
एक छोटे से गाँव में श्यामू नाम का एक गरीब बाप रहता था। उसका घर मिट्टी का बना था और छत टपकती रहती थी। वह रोज़ सुबह अँधेरा रहते ही उठ जाता और पास के शहर में दिहाड़ी मजदूरी करने चला जाता। दिनभर ईंटें ढोता, पसीना बहाता और शाम को थका-हारा घर लौटता। उसके परिवार में पत्नी और एक बेटा मोहन था।

मोहन पढ़ाई में बहुत तेज था और बड़े सपने देखता था। वह कहता, “बाबा, मैं बड़ा होकर अधिकारी बनूँगा और आपको आराम दूँगा।” श्यामू मुस्कुरा देता, लेकिन उसे चिंता रहती कि बेटे की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाएगा। एक दिन स्कूल से सूचना आई कि फीस जमा न करने पर मोहन का नाम काट दिया जाएगा। श्यामू के पास पैसे नहीं थे। उसने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रख दिए ताकि बेटे की पढ़ाई न रुके।

समय बीतता गया। मोहन ने मेहनत और लगन से पढ़ाई की और प्रतियोगी परीक्षा पास कर ली। जब वह नौकरी पर लगा, तो सबसे पहले अपने माता-पिता के लिए पक्का घर बनवाया। श्यामू की आँखों में खुशी के आँसू थे। उसे एहसास हुआ कि उसका त्याग और मेहनत कभी व्यर्थ नहीं गए।
Anonymous1770960400
मुख्य पात्र:
एक साहसी और मेहनती किसान - चेहरे पर चिंता की लकीरें, हाथ में कुदाल, कंधे पर गमछा, आंखों में आशा की किरण
उसकी धैर्यवान पत्नी - सरल साड़ी में, आंचल से पसीना पोंछती, समझदार और सहयोगी
दस वर्षीय मासूम बालक - स्कूली बस्ता लिए, मां-बाप की मदद को तत्पर
निर्दयी जमींदार - मोटा तोंद, लाल पगड़ी, क्रूर मुस्कान
कर्जदाता साहूकार - चश्मा और धोती में, गिनती की किताब थामे
विश्वसनीय मित्र - सरल वेशभूषा, मददगार स्वभाव
गांव का मुखिया - पंचायती पगड़ी, न्यायप्रिय मुद्रा
Anonymous1770952039
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