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Dhyana mudra 3D Models

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唐代供奉佛像,盛唐风格坐姿菩萨佛像,呈结跏趺坐姿态,身形比例端庄稳重,面容饱满圆润、双目半阖、神态慈和。头戴精美宝冠,螺发与发髻细节清晰。上身披薄透贴体的菩萨天衣,衣纹自然流畅,具有唐代特有的“贴体褶皱”特征。胸佩璎珞、臂钏、腰带装饰精致。双手结禅定印放于腿上。材质为鎏金铜或石雕,表现真实体积、重量感与表面微磨损。
Anonymous1768472108
आजमगढ़ में एक छोटे से इलाके में सत्यम नाम का लड़का रहता था।
सत्यम कोई बहुत अमीर नहीं था, लेकिन उसका परिवार मिडिल क्लास था। उसके पापा एक छोटी सी नौकरी करते थे और चाहते थे कि सत्यम पढ़ाई करके बड़ा अफसर बने।
लेकिन सत्यम के दिल में तो बचपन से ही क्रिकेट का सपना था।
वह जब भी स्कूल से आता, अपना बैग फेंकता और सीधा मैदान की तरफ भाग जाता। 🏏
सत्यम का बल्ला भी नया नहीं था।
उसके पास दो बैट थे वो उसी से खेलता,
एक दिन सत्यम के पापा ने उसे मैदान से आते हुए देखा।
उन्होंने थोड़ा गुस्से में कहा,
“सत्यम! तुम हर समय क्रिकेट ही खेलते रहते हो।
क्रिकेट खेलकर कोई भविष्य नहीं बनता। तुम्हें पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।”
सत्यम चुप हो गया।
उसे अपने पापा की बात बुरी नहीं लगी, क्योंकि वह जानता था कि उसके पापा उसकी भलाई के लिए ही बोलते हैं।
लेकिन उस रात सत्यम को नींद नहीं आई।
वह छत पर बैठा आसमान की तरफ देख रहा था और मन ही मन सोच रहा था —
“क्या सच में मैं क्रिकेटर नहीं बन सकता?”
अगले दिन स्कूल में एक क्रिकेट मैच होने वाला था।
सत्यम बहुत उत्साहित था, क्योंकि यह पहला मौका था जब वह स्कूल टीम के लिए खेलने वाला था।
मैच शुरू हुआ।
सामने वाली टीम बहु
Anonymous1773515466
set of yoga hands mudras: abhaya mudra, gyan mudra, varada mudra, dhyana mudra, stylized sculpted hands, collection of different poses, separate models for 3D printing. calm elegant fingers, slightly simplified proportions, art toy style, smooth surfaces, minimal details, designed for small sculpture and doll accessories

separate objects, not merged
Anonymous1768180014
set of yoga hands mudras: abhaya mudra, gyan mudra, varada mudra, chin mudra, dhyana mudra, anjali mudra, vitarka mudra, stylized sculpted hands, collection of different poses, separate models for 3D printing. calm elegant fingers, slightly simplified proportions, art toy style, smooth surfaces, minimal details, designed for small sculpture and doll accessories

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Anonymous1768180014
set of yoga female hands mudras: abhaya mudra, gyan mudra, varada mudra, chin mudra, dhyana mudra, anjali mudra, vitarka mudra, stylized sculpted hands, collection of different poses, separate models for 3D printing. calm elegant fingers, slightly simplified proportions, art toy style, smooth surfaces, minimal details, designed for small sculpture and doll accessories

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Anonymous1768180014
Anonymous1752232390
बरसाना और वृंदावन में होली का समय था। चारों तरफ फूलों की खुशबू और ढोल की थाप गूंज रही थी। श्रीकृष्ण अपने मित्रों के साथ होली खेलने की तैयारी कर रहे थे।
कृष्ण जी मुस्कुराते हुए बोले,
“आज हम राधा और उनकी सखियों के साथ खूब होली खेलेंगे!”
🎨 रंगों की शुरुआत
कृष्ण जी पिचकारी में रंग भरकर बरसाना पहुँचे। वहाँ राधा रानी अपनी सखियों के साथ तैयार खड़ी थीं।
जैसे ही कृष्ण जी आगे बढ़े —
छपाक! 💦
राधा जी ने सबसे पहले कृष्ण जी पर रंग डाल दिया।
सब हँस पड़े। वातावरण खुशी और मस्ती से भर गया।
🥁 मस्ती और नटखटपन
कृष्ण जी ने भी हार नहीं मानी। उन्होंने गुलाल उड़ाया, पिचकारी चलाई और सबको रंगों से भर दिया। ग्वाल-बाल और सखियाँ नाचने लगे।
चारों ओर गीत गूंजने लगे —
“रंग बरसे… होली है!”
🌈 प्रेम और खुशियों की होली
कुछ देर बाद सब थक गए लेकिन खुश थे। राधा और कृष्ण एक-दूसरे को मुस्कुराकर देखने लगे। पूरा वृंदावन प्रेम और रंगों से सराबोर हो गया।
तभी कृष्ण जी बोले,
“होली का असली रंग प्रेम है।”
राधा जी मुस्कुराईं —
“और यह रंग कभी नहीं उतरता।”
✨ सीख (Moral)
👉 सच्चा प्रेम खुशी बाँटता है।
👉 त्योहार मिलजुल कर मनाने से आनंद बढ़ता है।
Anonymous1772515562
हनुमान जी भगवान शिव के अंश और माता अंजनी के पुत्र थे। बचपन से ही वे अत्यंत शक्तिशाली और बुद्धिमान थे। एक बार उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगल लिया। बड़े होकर वे भगवान राम के परम भक्त बने। जब रावण माता सीता को लंका ले गया, तब हनुमान जी समुद्र पार करके लंका पहुँचे। वहाँ उन्होंने सीता माता को ढूँढा और राम जी का संदेश दिया। रावण की लंका में आग लगाकर वे वापस लौटे। युद्ध में उन्होंने लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाकर उनकी जान बचाई। उनकी भक्ति, शक्ति और निष्ठा आज भी सभी को प्रेरणा देती है।
Anonymous1772194514
हनुमान जी भगवान शिव के अंश और माता अंजनी के पुत्र थे। बचपन से ही वे अत्यंत शक्तिशाली और बुद्धिमान थे। एक बार उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगल लिया। बड़े होकर वे भगवान राम के परम भक्त बने। जब रावण माता सीता को लंका ले गया, तब हनुमान जी समुद्र पार करके लंका पहुँचे। वहाँ उन्होंने सीता माता को ढूँढा और राम जी का संदेश दिया। रावण की लंका में आग लगाकर वे वापस लौटे। युद्ध में उन्होंने लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाकर उनकी जान बचाई। उनकी भक्ति, शक्ति और निष्ठा आज भी सभी को प्रेरणा देती है।
Anonymous1772194514
भारत के एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक किसान रहता था। रामू बहुत मेहनती और ईमानदार था। वह रोज़ सूरज उगने से पहले अपने खेतों में पहुँच जाता। उसके पास ज़्यादा जमीन नहीं थी, लेकिन उसका हौसला बहुत बड़ा था।
एक साल गाँव में बहुत कम बारिश हुई। खेत सूखने लगे और बाकी किसान चिंता में डूब गए। लेकिन रामू ने हार नहीं मानी। उसने अपने खेत के पास एक छोटा तालाब खोदने का फैसला किया। दिन में वह खेत में काम करता और शाम को तालाब खोदता। गाँव वाले उसका मज़ाक उड़ाते, पर वह चुपचाप मेहनत करता रहा।
कुछ ही दिनों बाद अचानक तेज़ बारिश हुई। रामू का तालाब पानी से भर गया। उसने उसी पानी से अपने खेत की सिंचाई की। जब बाकी किसानों की फसल खराब हो गई, तब रामू के खेत में हरी-भरी फसल लहरा रही थी।
गाँव वालों को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने रामू से सीख ली कि मुश्किल समय में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि समझदारी और मेहनत से काम लेना चाहिए।
कुछ महीनों बाद रामू की फसल बाजार में अच्छी कीमत पर बिकी। वह बहुत खुश था, लेकिन उसने घमंड नहीं किया। उसने गाँव के गरीब किसानों की मदद की और सबको पानी बचाने की सलाह दी।
✨ सीख:
मेहनत, धैर्य और
Anonymous1772101566
“वृंदावन का सुंदर वातावरण, सुबह की हल्की सुनहरी रोशनी, फूलों से भरा बगीचा।
बाल रूप में भगवान कृष्ण नीले रंग के, पीतांबर पहने, सिर पर मोर पंख, हाथ में छोटी बांसुरी।
साथ में राधा बाल रूप में, रंगीन घाघरा-चोली, फूलों का मुकुट।
दोनों हंसते-खेलते, तितलियों के पीछे भागते हुए।
सॉफ्ट डिवोशनल बैकग्राउंड म्यूजिक, सिनेमैटिक, 4K, प्यारा और आध्यात्मिक मूड।”
Anonymous1772112088
🌾 गरीब किसान की कहानी 🌾
एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसका गाँव भारत के एक शांत इलाके में बसा था। रामू के पास थोड़ी सी जमीन थी, जिस पर वह दिन-रात मेहनत करता था। उसके परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे थे।
रामू सुबह सूरज निकलने से पहले खेत में चला जाता और शाम तक काम करता। कभी तेज धूप, कभी बरसात, कभी ठंडी हवा — लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। उसकी फसल ही उसके परिवार की उम्मीद थी।
एक साल बारिश बहुत कम हुई। खेत सूखने लगे और फसल खराब हो गई। गाँव के कई किसानों ने हिम्मत छोड़ दी, लेकिन रामू ने नहीं। उसने पास के कुएँ से पानी लाकर अपने खेत को बचाने की कोशिश की। दिन-रात मेहनत करने के बाद थोड़ी सी फसल बच गई।
जब फसल बाजार में बिकी, तो रामू को ज्यादा पैसा नहीं मिला, लेकिन इतना जरूर मिला कि उसके घर में फिर से खुशियाँ लौट आईं। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देखकर उसे लगा कि उसकी मेहनत सफल हो गई।
रामू ने समझ लिया कि जिंदगी में मुश्किलें आती हैं, लेकिन मेहनत और धैर्य से हर समस्या का सामना किया जा सकता है।
सीख:
मेहनत, धैर्य और उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। 🌱
Anonymous1771823446
create the radha krishna 3d
Anonymous1771606431
एक छोटे से गाँव में रामू नाम का एक गरीब किसान रहता था। उसका घर मिट्टी का बना था और छत पर पुरानी खपरैल लगी थी। परिवार में उसकी बूढ़ी माँ, पत्नी सीता और दो छोटे बच्चे थे। रामू के पास बस दो बीघा जमीन थी, वही उसकी उम्मीद थी, वही उसका सहारा।

हर सुबह सूरज निकलने से पहले ही रामू उठ जाता। ठंड हो या गर्मी, बारिश हो या आँधी—वह अपने खेतों में काम करने पहुँच जाता। उसके पैर अक्सर नंगे ही रहते, और कंधे पर पुराना फावड़ा टंगा होता। खेत में खड़े होकर वह मिट्टी को हाथ में लेकर कहता, “तू ही मेरा धन है, तू ही मेरी किस्मत।”

उस साल बारिश बहुत कम हुई थी। खेत की मिट्टी सूखकर फट गई थी। गाँव के कई किसानों ने हिम्मत हार दी, लेकिन रामू ने नहीं। वह रोज़ कुएँ से पानी खींच-खींचकर पौधों में डालता। उसके हाथों में छाले पड़ गए, पीठ झुक गई, लेकिन उसकी उम्मीद सीधी खड़ी रही।

एक दिन उसका बेटा मोहन बोला, “बाबा, आप इतना मेहनत क्यों करते हो? क्या फसल सच में अच्छी होगी?”

रामू मुस्कुराया और बोला, “बेटा, मेहनत कभी खाली नहीं जाती। धरती माँ मेहनत का फल ज़रूर देती है, बस धैर्य रखना पड़ता है।”

समय बीतता गया। आखिरकार सावन के अंत में बादल घिर आए। जोरदार
Anonymous1771562326
give me a radha krishna image
Anonymous1771398128
रामू एक छोटे से गाँव में रहने वाला गरीब किसान था। उसका गाँव सीतापुर जिले के पास बसा था। उसके पास बस दो बीघा जमीन थी, जिस पर वह साल भर मेहनत करता था। सुबह सूरज निकलने से पहले ही वह खेतों में पहुँच जाता और देर शाम तक हल चलाता, बीज बोता और फसल की देखभाल करता।
रामू की पत्नी सीता और दो छोटे बच्चे थे। घर कच्चा था और बरसात में टपकता था। कई बार ऐसा होता कि मेहनत के बाद भी फसल अच्छी नहीं होती। कभी सूखा पड़ जाता, तो कभी अचानक आई बारिश सारी मेहनत बहा ले जाती। एक साल तो हालात इतने खराब हो गए कि उसे साहूकार से कर्ज लेना पड़ा।
लेकिन रामू ने हिम्मत नहीं हारी। उसने सोचा कि अगर वह नई तरीके से खेती करेगा तो शायद हालात सुधर जाएँ। उसने गाँव में आए कृषि अधिकारी से सलाह ली और कम पानी में उगने वाली फसल बोई। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाने लगी। उस साल फसल अच्छी हुई और उसे अच्छा दाम भी मिला।
रामू ने सबसे पहले अपना कर्ज चुकाया और घर की छत ठीक करवाई। अब भी वह अमीर नहीं था, लेकिन उसके चेहरे पर संतोष था। उसने समझ लिया था कि मेहनत और धैर्य से कठिन समय को भी हराया जा सकता है।
Anonymous1771396979
गाँव के किनारे एक छोटा-सा कच्चा घर था, जिसमें रामू नाम का एक गरीब किसान अपनी पत्नी सीता और दो बच्चों के साथ रहता था। रामू के पास बस दो बीघा जमीन थी, वही उसकी दुनिया थी और वही उसका सहारा। हर सुबह सूरज उगने से पहले ही वह खेतों की ओर निकल जाता। कंधे पर हल, हाथ में फावड़ा और आँखों में उम्मीद लिए वह दिन-भर मेहनत करता।
उस साल बारिश देर से आई थी। आसमान में बादल तो घिरते, पर बरसते नहीं थे। सूखी मिट्टी को देखकर रामू का दिल बैठ जाता। घर में अनाज भी कम बचा था। सीता उसे हिम्मत देती, “चिंता मत करो, भगवान मेहनत का फल जरूर देगा।” बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च सोचकर रामू और भी जी-जान से जुट जाता।
आखिरकार एक दिन काले बादल घिरे और तेज बारिश शुरू हो गई। सूखी धरती ने पानी को ऐसे सोखा जैसे बरसों से प्यासा हो। रामू की आँखों में खुशी के आँसू आ गए। उसने बीज बोए और दिन-रात खेत की देखभाल करने लगा। कभी कीड़ों से फसल को बचाता, तो कभी नालियों से पानी का बहाव ठीक करता।
समय बीतता गया और खेत में हरी-भरी फसल लहलहाने लगी। सुनहरी बालियाँ हवा में झूमतीं तो रामू का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता। कटाई के दिन जब उसने अनाज की ढेरियाँ देखीं, तो उसकी सा
Anonymous1771357997
रामू एक छोटे से गाँव में रहने वाला मेहनती किसान था। उसका गाँव मध्य प्रदेश के एक शांत इलाके में बसा था। रामू के पास थोड़ी सी जमीन थी, लेकिन उसका हौसला बहुत बड़ा था। हर सुबह सूरज निकलने से पहले वह खेतों में पहुंच जाता और पूरे मन से काम करता। एक साल भयंकर सूखा पड़ा। गाँव के कई किसान निराश हो गए, पर रामू ने हार नहीं मानी। उसने वर्षा जल बचाने के लिए छोटा तालाब बनाया और नई तकनीक से खेती शुरू की। कुछ महीनों बाद उसकी फसल लहलहाने लगी। लोग हैरान थे कि मुश्किल समय में भी रामू कैसे डटा रहा। रामू मुस्कुराकर कहता, “मेहनत और धैर्य ही असली ताकत हैं।” उसकी कहानी पूरे गाँव के लिए प्रेरणा बन गई।
Anonymous1771238048
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